अयोध्या में राष्ट्र कथा महोत्सव आज अंतिम दिन में प्रवेश, बृज भूषण शरण सिंह जी का जन्मदिन बना विशेष संयोग
अयोध्या के प्रक्षेत्र नंदिनी निकेतन में आयोजित दिव्य ऐतिहासिक राष्ट्र कथा महोत्सव आज, 8 जनवरी, अपने सातवें और अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है। राम कथा का प्रवाह आज भी जारी है और आयोजन का औपचारिक समापन दिन के अंत में प्रस्तावित है। आज का दिन आयोजन के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज ही बृज भूषण शरण सिंह जी का जन्मदिन भी है, जिनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन में यह राष्ट्र कथा आयोजित की गई।
राष्ट्र कथा महोत्सव की शुरुआत पहले दिन एक भावनात्मक वातावरण में हुई थी। उद्घाटन के दौरान बृज भूषण शरण सिंह जी भावुक नजर आए थे, जिसे उपस्थित लोगों ने आयोजन के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के भाव के रूप में देखा। इसके बाद बीते सात दिनों में कथा अनुशासन, निरंतरता और गंभीरता के साथ आगे बढ़ती रही।
पूरे आयोजन के दौरान परम पूज्य सद्गुरु श्री रितेश्वर जी ने राम कथा का प्रवचन किया। उनकी कथाओं में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन प्रसंगों के साथ-साथ समाज, नेतृत्व, संयम और कर्तव्यबोध जैसे विषयों को वर्तमान संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। आज अंतिम दिन की कथा में इन्हीं सभी विचारों का समन्वय सामने आ रहा है।

राष्ट्र कथा महोत्सव के विभिन्न सत्रों में कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई। इनमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, धनंजय सिंह, रविंद्र सिंह भाटी और सुशील सिंह शामिल रहे। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, इन सभी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक समर्थन प्रदान किया।
इसके अलावा, आयोजन के दौरान बृज भूषण शरण सिंह जी के पुत्र प्रतीक भूषण सिंह और करण भूषण सिंह की सहभागिता भी लगातार देखने को मिली। उनकी उपस्थिति को पीढ़ीगत जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
आज बृज भूषण शरण सिंह जी का जन्मदिन होने के बावजूद आयोजन में किसी प्रकार का औपचारिक उत्सव नहीं रखा गया है। पूरा ध्यान राम कथा और उसके संदेशों पर केंद्रित है। जन्मदिन को भी आत्मचिंतन और कृतज्ञता के भाव के साथ देखा जा रहा है, न कि समारोह के रूप में।
अंतिम दिन पर आयोजकों की ओर से उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है जिन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान राष्ट्र कथा की इस यात्रा में मार्गदर्शन और सहयोग दिया। सद्गुरु श्री रितेश्वर जी, अतिथिगण, स्वयंसेवक और श्रोताओं के सहयोग से यह आयोजन अपने निर्णायक चरण तक पहुंच पाया है।
फिलहाल राम कथा जारी है और राष्ट्र कथा महोत्सव का समापन आज दिन के अंत में किया जाएगा। अयोध्या में आयोजित यह कथा सात दिनों की साधना, संवाद और सांस्कृतिक चेतना को एक सूत्र में पिरोते हुए अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है।
